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mahabharat 12.11.9: पक्षी बोला - यदि तुम सब मुझ पर संदेह न करो तो मैं स्वयं वक्ता का रूप धारण करके तुम सब को सत्य रूप में हितकारी सब बातें बताऊँगा॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.11: अर्जुनका पक्षिरूपधारी इन्द्र और ऋषिबालकोंके संवादका उल्लेखपूर्वक गृहस्थ-धर्मके पालनपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.11.9 
शकुनिरुवाच
यदि मां नाभिशंकध्वं विभज्यात्मानमात्मना।
ततोऽहं व: प्रवक्ष्यामि याथातथ्यं हितं वच:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
पक्षी बोला - यदि तुम सब मुझ पर संदेह न करो तो मैं स्वयं वक्ता का रूप धारण करके तुम सब को सत्य रूप में हितकारी सब बातें बताऊँगा॥9॥
 
The bird said - If you all do not doubt me, then I myself will transform myself into a speaker and tell you all the things that are beneficial in the true form.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)