Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.11.16: जो मूर्ख मनुष्य मनुष्य के कर्मों की निन्दा करते हैं और बुरे मार्ग अपनाते हैं, वे बिना प्रयत्न किए ही पाप करते हैं ॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.11: अर्जुनका पक्षिरूपधारी इन्द्र और ऋषिबालकोंके संवादका उल्लेखपूर्वक गृहस्थ-धर्मके पालनपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 11: अर्जुनका पक्षिरूपधारी इन्द्र और ऋषिबालकोंके संवादका उल्लेखपूर्वक गृहस्थ-धर्मके पालनपर जोर देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.11.16 
अथ ये कर्म निन्दन्तो मनुष्या: कापथं गता:।
मूढानामर्थहीनानां तेषामेनस्तु विद्यते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जो मूर्ख मनुष्य मनुष्य के कर्मों की निन्दा करते हैं और बुरे मार्ग अपनाते हैं, वे बिना प्रयत्न किए ही पाप करते हैं ॥16॥
 
Those foolish men who criticise human actions and take to evil ways, commit sins without making any effort. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)