श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 11: अर्जुनका पक्षिरूपधारी इन्द्र और ऋषिबालकोंके संवादका उल्लेखपूर्वक गृहस्थ-धर्मके पालनपर जोर देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.11.11 
शकुनिरुवाच
चतुष्पदां गौ: प्रवरा लोहानां काञ्चनं वरम्।
शब्दानां प्रवरो मन्त्रो ब्राह्मणो द्विपदां वर:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पक्षी बोला - समस्त चौपायों में गौ श्रेष्ठ है, धातुओं में सोना श्रेष्ठ है, शब्दों में मन्त्र श्रेष्ठ हैं और मनुष्यों में ब्राह्मण श्रेष्ठ है ॥11॥
 
The bird said - The cow is the best among all the four-legged animals, gold is the best among metals, mantras are the best among words and the Brahmin is the best among humans. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)