Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.101.7: जिनकी वाणी, नेत्र और चाल सिंह या व्याघ्र के समान हैं तथा जिनकी आँखें कबूतर या गौरैया के समान हैं, वे सभी वीर योद्धा हैं और शत्रु सेना को कुचलने में समर्थ हैं ॥7॥   |   mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.101.7 
सिंहशार्दूलवाङ्नेत्रा: सिंहशार्दूलगामिन:।
पारावतकुलिङ्गाक्षा: सर्वे शूरा: प्रमाथिन:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जिनकी वाणी, नेत्र और चाल सिंह या व्याघ्र के समान हैं तथा जिनकी आँखें कबूतर या गौरैया के समान हैं, वे सभी वीर योद्धा हैं और शत्रु सेना को कुचलने में समर्थ हैं ॥7॥
 
Those whose speech, eyes and gait are like those of lions or tigers and whose eyes are like those of pigeons or sparrows, they are all valiant warriors and capable of crushing the enemy army. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)