Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.101.20: वे अधार्मिक हैं और धर्म की मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। इसी प्रकार वे राजा पर भी प्रायः क्रोधित हो जाते हैं; अतः उन्हें मधुर वचनों से समझाकर वश में करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 12.101: भिन्न-भिन्न देशके योद्धाओंके स्वभाव, रूप, बल, आचरण और लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे अधार्मिक हैं और धर्म की मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। इसी प्रकार वे राजा पर भी प्रायः क्रोधित हो जाते हैं; अतः उन्हें मधुर वचनों से समझाकर वश में करना चाहिए।
They are irreligious and violate the limits of religion. Similarly, they often become angry with the king; hence they should be brought under control by persuading them with sweet words.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि विजिगीषमाणवृत्ते एकाधिकशततमोऽध्याय:॥ १०१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें विजयाभिलाषी राजाका बर्तावविषयक एक सौ एकवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥