श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 100: सैन्यसंचालनकी रीति-नीतिका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.100.29 
पारम्पर्यागते द्वारे ये केचिदनुवर्तिन:।
परिचर्यावतो द्वारे ये च केचन वर्गिण:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जो परम्परागत रूप से राजद्वारों की रक्षा करने वाले अथवा राजसेवकों, मंत्रियों आदि के द्वारों की रक्षा करने वाले तथा किसी समूह के मुखिया हैं, उन्हें भी नहीं मारना चाहिए ॥29॥
 
Those who are traditionally performing duties such as guarding the royal gates or those who guard the gates of royal servants, ministers etc. and are the head of a group should also not be killed. ॥ 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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