Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.10.21: धर्म का बहाना लेकर और मौनी बाबा की तरह बैठकर केवल अपनी जीविका चलाने से केवल अपने कर्तव्यों से विमुख होना संभव है, परन्तु जीवन को सार्थक बनाना संभव नहीं है ॥21॥ | mahabharat अध्याय 12.10: भीमसेनका राजाके लिये संन्यासका विरोध करते हुए अपने कर्तव्यके ही पालनपर जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्म का बहाना लेकर और मौनी बाबा की तरह बैठकर केवल अपनी जीविका चलाने से केवल अपने कर्तव्यों से विमुख होना संभव है, परन्तु जीवन को सार्थक बनाना संभव नहीं है ॥21॥
By taking the excuse of religion and just earning one's own living by sitting like a silent baba, it is only possible to deviate from one's duties but not to make one's life meaningful. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥