श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.1.9 
नारदस्त्वब्रवीत् काले धर्मपुत्रं युधिष्ठिरम्।
सम्भाष्य मुनिभि: सार्धं कृष्णद्वैपायनादिभि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस समय श्रीकृष्ण द्वैपायन आदि मुनियों से परामर्श करके नारदजी पहले धर्मपुत्र युधिष्ठिर से बोले-॥9॥
 
At that time, after conferring with the sages like Sri Krishna Dwaipayana, Narada first spoke to Dharmaputra Yudhishthira -॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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