श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.1.36 
सोऽर्जुनेन हतो वीरो भ्रात्रा भ्राता सहोदर:।
न चैव विवृतो मन्त्र: पृथायास्तस्य वा विभो॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उस वीर भाई को भाई अर्जुन ने मार डाला। हे प्रभु! यह रहस्य न तो माता कुन्ती ने बताया, न कर्ण ने॥36॥
 
That brave brother was killed by brother Arjun. Lord! Neither mother Kunti nor Karna revealed this secret. 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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