श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 1: युधिष्ठिरके पास नारद आदि महर्षियाेंका आगमन और युधिष्ठिरका कर्णके साथ अपना सम्बन्ध बताते हुए कर्णको शाप मिलनेका वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.1.13 
युधिष्ठिर उवाच
विजितेयं मही कृत्स्ना कृष्णबाहुबलाश्रयात्।
ब्राह्मणानां प्रसादेन भीमार्जुनबलेन च॥ १३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - मुने ! भगवान श्रीकृष्ण के बाहुबल का आश्रय लेकर, ब्राह्मणों की कृपा से तथा भीमसेन और अर्जुन के पराक्रम से यह सम्पूर्ण पृथ्वी जीत ली गई ॥13॥
 
Yudhishthir said – Mune! By taking shelter of Lord Krishna's muscular strength, by the grace of Brahmins and by the strength of Bhimsen and Arjun, this entire earth was conquered. 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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