श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका शोकातुर हो जाना और विदुरजीका उन्हें पुन: शोकनिवारणके लिये उपदेश  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  11.9.5 
संजय उवाच
आगम्य नानादेशेभ्यो नानाजनपदेश्वरा:।
पितृलोकं गता राजन् सर्वे तव सुतै: सह॥ ५॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! विभिन्न देशों से आये हुए विभिन्न जनपदों के स्वामी आपके पुत्रों के साथ पितृलोक को गये।
 
Sanjaya said - O King! The lords of various districts, coming from various countries, all of them became travelers to Pitriloka (the world of ancestors) along with your sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)