Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.8.46: राजन! वीर युधिष्ठिर पशु-पक्षी तथा अन्य प्राणियों पर भी दया करते हैं; फिर वे आप पर दया क्यों नहीं कर सकते?॥ 46॥ | mahabharat अध्याय 11.8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृपालुर्नित्यशो वीरस्तिर्यग्योनिगतेष्वपि।
स कथं त्वयि राजेन्द्र कृपां नैव करिष्यति॥ ४६॥
अनुवाद
राजन! वीर युधिष्ठिर पशु-पक्षी तथा अन्य प्राणियों पर भी दया करते हैं; फिर वे आप पर दया क्यों नहीं कर सकते?॥ 46॥
King! The valiant Yudhishthira always shows compassion even towards animals, birds and other creatures; then how can he not show mercy towards you?॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥