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श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 8: व्यासजीका संहारको अवश्यम्भावी बताकर धृतराष्ट्रको समझाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  11.8.20 
देवतानां हि यत् कार्यं मया प्रत्यक्षत: श्रुतम्।
तत् तेऽहं सम्प्रवक्ष्यामि यथा स्थैर्यं भवेत् तव॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मैं तुम्हें देवताओं के कामों के बारे में बता रहा हूँ जो मैंने अपने कानों से सुने हैं, ताकि तुम्हारा मन स्थिर हो जाए। 20.
 
I am telling you about the deeds of the gods which I have heard with my own ears, so that your mind may become stable. 20.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)