न तेऽस्त्यविदितं किंचिद् वेदितव्यं परंतप।
अनित्यतां हि मर्त्यानां विजानासि न संशय:॥ १४॥
अनुवाद
हे शत्रुराज! जो कुछ जानने योग्य है, वह आपसे अज्ञात नहीं है। आप मनुष्य जीवन की अनित्यता को भली-भाँति जानते हैं; इसमें कोई संदेह नहीं है॥14॥
O King of enemies! Whatever is worth knowing is not unknown to you. You know very well the impermanence of human life; there is no doubt about it. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥