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mahabharat 11.6.9: वह लता जो कुएँ के बीच में उगी हुई कही जाती है और जिसके सहारे वह मनुष्य लटका हुआ है, वह मनुष्यों के जीवन की आशा है ॥9॥   |   mahabharat अध्याय 11.6: संसाररूपी वनके रूपकका स्पष्टीकरण   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 6: संसाररूपी वनके रूपकका स्पष्टीकरण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  11.6.9 
कूपमध्ये च या जाता वल्ली यत्र स मानव:।
प्रताने लम्बते लग्नो जीविताशा शरीरिणाम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह लता जो कुएँ के बीच में उगी हुई कही जाती है और जिसके सहारे वह मनुष्य लटका हुआ है, वह मनुष्यों के जीवन की आशा है ॥9॥
 
The creeper which is said to have grown in the middle of the well and by which the man is hanging is the hope of life for mortals. ॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)