Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.6.11-12h: छः ऋतुएँ इसके छः मुख हैं और बारह महीने इसके बारह पैर हैं। वृक्ष को कुतरने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले चूहों को बुद्धिमान पुरुषों ने जीवों के दिन और रात के समान बताया है। | mahabharat अध्याय 11.6: संसाररूपी वनके रूपकका स्पष्टीकरण । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
छः ऋतुएँ इसके छः मुख हैं और बारह महीने इसके बारह पैर हैं। वृक्ष को कुतरने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले चूहों को बुद्धिमान पुरुषों ने जीवों के दिन और रात के समान बताया है।
The six seasons are its six faces and the twelve months are its twelve legs. The mice that are always ready to bite the tree are described by the wise men as the day and night of living beings. 11 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥