Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.6.1: धृतराष्ट्र बोले - वक्ताओं में श्रेष्ठ विदुर ! यह बड़े आश्चर्य की बात है ! उस ब्राह्मण ने बहुत दुःख झेले थे । वह बड़ी कठिनाई से वहाँ रह रहा था, फिर भी उसे वहाँ सुख कैसे मिला और उसे संतोष कैसे हुआ ?॥1॥ | mahabharat अध्याय 11.6: संसाररूपी वनके रूपकका स्पष्टीकरण । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र बोले - वक्ताओं में श्रेष्ठ विदुर ! यह बड़े आश्चर्य की बात है ! उस ब्राह्मण ने बहुत दुःख झेले थे । वह बड़ी कठिनाई से वहाँ रह रहा था, फिर भी उसे वहाँ सुख कैसे मिला और उसे संतोष कैसे हुआ ?॥1॥
Dhritarashtra said - Vidur, the best among speakers! This is a matter of great surprise! That Brahmin had suffered a lot. He was living there with great difficulty, yet how did he feel happy there and how did he feel contented?॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥