Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.3.1: धृतराष्ट्र बोले - हे परम बुद्धिमान विदुर! आपकी उत्तम वाणी सुनकर मेरा शोक दूर हो गया है, तथापि मैं अभी भी आपके और अधिक दार्शनिक वचन सुनने की इच्छा रखता हूँ॥1॥ | mahabharat अध्याय 11.3: विदुरजीका शरीरकी अनित्यता बताते हुए धृतराष्ट्रको शोक त्यागनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र बोले - हे परम बुद्धिमान विदुर! आपकी उत्तम वाणी सुनकर मेरा शोक दूर हो गया है, तथापि मैं अभी भी आपके और अधिक दार्शनिक वचन सुनने की इच्छा रखता हूँ॥1॥
Dhritarashtra said - O most intelligent Vidur! My grief has gone away after listening to your excellent speech, however, I still wish to hear more of your philosophical words.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥