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mahabharat 11.27.20-21h: क्या समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ कर्ण सचमुच हमारा बड़ा भाई था? उस अद्भुत पराक्रमी योद्धा को आपने पहले कैसे उत्पन्न किया?॥20 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 11.27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 27: सभी स्त्री-पुरुषोंका अपने मरे हुए सम्बन्धियोंको जलांजलि देना, कुन्तीका अपने गर्भसे कर्णके जन्म होनेका रहस्य प्रकट करना तथा युधिष्ठिरका कर्णके लिये शोक प्रकट करते हुए उनका प्रेतकृत्य सम्पन्न करना और स्त्रियोंके मनमें रहस्यकी बात न छिपनेका शाप देना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  11.27.20-21h 
स न: प्रथमजो भ्राता सर्वशस्त्रभृतां वर:॥ २०॥
असूत तं भवत्यग्रे कथमद्भुतविक्रमम्।
 
 
अनुवाद
क्या समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ कर्ण सचमुच हमारा बड़ा भाई था? उस अद्भुत पराक्रमी योद्धा को आपने पहले कैसे उत्पन्न किया?॥20 1/2॥
 
'Was Karna, the best among all wielders of weapons, really our elder brother? How did you first produce that wonderfully valiant warrior?॥ 20 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)