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mahabharat 11.26.39: कुछ महापुरुषों के लिए पितृमेध (श्राद्धकर्म) भी शुरू हो गए। कुछ लोगों ने वहाँ भजन गाए और कई लोगों ने वहाँ मारे गए विभिन्न लोगों के लिए गहरा शोक व्यक्त किया।   |   mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  11.26.39 
पितृमेधाश्च केषांचित् प्रावर्तन्त महात्मनाम्।
सामभिश्चाप्यगायन्त तेऽन्वशोचन्त चापरै:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
कुछ महापुरुषों के लिए पितृमेध (श्राद्धकर्म) भी शुरू हो गए। कुछ लोगों ने वहाँ भजन गाए और कई लोगों ने वहाँ मारे गए विभिन्न लोगों के लिए गहरा शोक व्यक्त किया।
 
For some great-hearted heroes, rituals for Pitrimedha (Shraddha rituals) were also started. Some people sang hymns there and many people expressed great sorrow for the various people who had died there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)