Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.26.27-30: धर्मराज की आज्ञा से विदुरजी, सारथि संजय, सुधर्मा, धौम्य और इन्द्रसेन आदि ने चंदन और अगुरु की लकड़ी, कालियाक, घी, तेल, सुगंध और बहुमूल्य रेशमी वस्त्र आदि एकत्रित किए, लकड़ियाँ, टूटे हुए रथ और नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र एकत्रित किए, फिर उन्होंने अपने पूरे प्रयत्न से अनेक चिताएँ बनाईं और बड़े से लेकर छोटे तक सभी राजाओं का शास्त्रविधि के अनुसार शांतिपूर्वक दाह संस्कार किया। | mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मराज की आज्ञा से विदुरजी, सारथि संजय, सुधर्मा, धौम्य और इन्द्रसेन आदि ने चंदन और अगुरु की लकड़ी, कालियाक, घी, तेल, सुगंध और बहुमूल्य रेशमी वस्त्र आदि एकत्रित किए, लकड़ियाँ, टूटे हुए रथ और नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र एकत्रित किए, फिर उन्होंने अपने पूरे प्रयत्न से अनेक चिताएँ बनाईं और बड़े से लेकर छोटे तक सभी राजाओं का शास्त्रविधि के अनुसार शांतिपूर्वक दाह संस्कार किया।
On the orders of Dharmaraj, Vidurji, charioteer Sanjay, Sudharma, Dhoumya and Indrasen etc. collected sandalwood and aguru wood, Kaliyak, ghee, oil, perfumes and precious silk clothes etc., collected wood, broken chariots and various types of weapons. Then, with all their efforts, they made several pyres and performed the cremation of all the kings according to the scriptures in a peaceful manner, from eldest to youngest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥