Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.26.20: तीर्थयात्रा के दौरान मुझे देवर्षि लोमश के दर्शन हुए। उन्हीं से मुझे यह अनुस्मृति विद्या प्राप्त हुई थी। इसके अतिरिक्त पूर्वकाल में ज्ञानयोग के प्रभाव से मुझे दिव्य दृष्टि भी प्राप्त हुई थी। | mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तीर्थयात्रा के दौरान मुझे देवर्षि लोमश के दर्शन हुए। उन्हीं से मुझे यह अनुस्मृति विद्या प्राप्त हुई थी। इसके अतिरिक्त पूर्वकाल में ज्ञानयोग के प्रभाव से मुझे दिव्य दृष्टि भी प्राप्त हुई थी।
During the pilgrimage, I had the darshan of Devarshi Lomasha. It was from him that I had received this Anusmriti Vidya. Apart from this, in the past, due to the influence of Gyanyoga, I had also received divine sight.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥