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mahabharat 11.26.19: युधिष्ठिर बोले, 'महाराज! पूर्वकाल में जब मैं आपकी आज्ञा से वन में विचरण कर रहा था, उन दिनों तीर्थयात्रा के अवसर पर मुझे इस रूप में एक महात्मा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।   |   mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  11.26.19 
युधिष्ठिर उवाच
निदेशाद् भवत: पूर्वं वने विचरता मया।
तीर्थयात्राप्रसङ्गेन सम्प्राप्तोऽयमनुग्रह:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, 'महाराज! पूर्वकाल में जब मैं आपकी आज्ञा से वन में विचरण कर रहा था, उन दिनों तीर्थयात्रा के अवसर पर मुझे इस रूप में एक महात्मा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।
 
Yudhishthira said, 'Maharaj! Earlier, when I was roaming in the forest under your orders, during those days, I received the blessing of a great soul in this form on the occasion of a pilgrimage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)