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mahabharat 11.26.17: राजन! इनके अतिरिक्त जो लोग इस युद्ध की सीमा में किसी भी प्रकार मारे जाएँगे, वे सब उत्तर कुरु देश में जन्म लेंगे॥ 17॥   |   mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  11.26.17 
ये त्वत्र निहता राजन्नन्तरायोधनं प्रति।
यथाकथंचित् पुरुषास्ते गतास्तूत्तरान् कुरून्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
राजन! इनके अतिरिक्त जो लोग इस युद्ध की सीमा में किसी भी प्रकार मारे जाएँगे, वे सब उत्तर कुरु देश में जन्म लेंगे॥ 17॥
 
King! Besides these, all those who are killed within the boundaries of this war in whatever manner, will take birth in the northern Kuru country.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)