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mahabharat 11.26.14: जो लोग युद्धभूमि में खड़े होकर प्राणों की भीख मांगते हैं और युद्ध से विमुख हो जाते हैं, उनमें से जो लोग शस्त्रों से मारे गए हैं, वे गुह्यकाललोक में चले गए हैं॥14॥   |   mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  11.26.14 
ये च संग्रामभूमिष्ठा याचमाना: पराङ्मुखा:।
शस्त्रेण निधनं प्राप्ता गतास्ते गुह्यकान् प्रति॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जो लोग युद्धभूमि में खड़े होकर प्राणों की भीख मांगते हैं और युद्ध से विमुख हो जाते हैं, उनमें से जो लोग शस्त्रों से मारे गए हैं, वे गुह्यकाललोक में चले गए हैं॥14॥
 
Those who stood on the battlefield begging for their lives and turned away from the fight; those among them who were killed by weapons have gone to the Guhyakalokas.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)