श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  11.26.13 
ये त्वहृष्टेन मनसा मर्तव्यमिति भारत।
युध्यमाना हता: संख्ये गन्धर्वै: सह संगता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! जो लोग दुःखी मन से मरने का निश्चय कर चुके हैं और युद्धभूमि में लड़ते हुए मारे गए हैं, वे गन्धर्वों में सम्मिलित हो गए हैं॥13॥
 
O Bharata! Those who have decided to die with an unhappy mind and have been killed fighting in the battle-field, have joined the Gandharvas.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)