Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.26.1: श्री भगवान बोले - गांधारी! उठो, उठो। अपने मन को शोक में मत डूबने दो। तुम्हारे अपराध के कारण ही कौरवों का नाश हुआ है। 1॥ | mahabharat अध्याय 11.26: प्राप्त अनुस्मृतिविद्या और दिव्यदृष्टिके प्रभावसे युधिष्ठिरका महाभारतयुद्धमें मारे गये लोगोंकी संख्या और गतिका वर्णन तथा युधिष्ठिरकी आज्ञासे सबका दाह-संस्कार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीभगवानुवाच
उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गान्धारि मा च शोके मन: कृथा:।
तवैव ह्यपराधेन कुरवो निधनं गता:॥ १॥
अनुवाद
श्री भगवान बोले - गांधारी! उठो, उठो। अपने मन को शोक में मत डूबने दो। तुम्हारे अपराध के कारण ही कौरवों का नाश हुआ है। 1॥
Shri Bhagwan said – Gandhari! Get up, get up. Don't let your mind sink in sorrow. It is because of your crime that the Kauravas have been destroyed. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥