Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.25.29: वे दोनों ही स्वर्ण कवच पहने हुए हैं, बाण, तलवार और धनुष लिए हुए हैं। बैल के समान बड़े-बड़े नेत्रों वाले ये दोनों वीर चमकदार हार पहने हुए शयन कर रहे हैं। | mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे दोनों ही स्वर्ण कवच पहने हुए हैं, बाण, तलवार और धनुष लिए हुए हैं। बैल के समान बड़े-बड़े नेत्रों वाले ये दोनों वीर चमकदार हार पहने हुए शयन कर रहे हैं।
Both of them are wearing golden armour, carrying arrows, swords and bows. These two heroes with large eyes like those of a bull are sleeping wearing shiny necklaces. 29.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥