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mahabharat 11.25.22: चेदि नरेश यह वीर योद्धा धृष्टकेतु हजारों शत्रुओं का वध करने के पश्चात मारा गया और युद्ध की शय्या पर सदा के लिए सो गया।   |   mahabharat अध्याय 11.25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 25: अन्यान्य वीरोंको मरा हुआ देखकर गान्धारीका शोकातुर होकर विलाप करना और क्रोधपूर्वक श्रीकृष्णको यदुवंशविनाशविषयक शाप देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  11.25.22 
एष चेदिपति: शूरो धृष्टकेतुर्महारथ:।
शेते विनिहत: संख्ये हत्वा शत्रून् सहस्रश:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
चेदि नरेश यह वीर योद्धा धृष्टकेतु हजारों शत्रुओं का वध करने के पश्चात मारा गया और युद्ध की शय्या पर सदा के लिए सो गया।
 
This valiant warrior Dhrishtaketu, king of Chedi, was killed after killing thousands of enemies and slept forever on the bed of battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)