Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.24.8-9: हे प्रभु! तुम बड़े भाग्यशाली हो कि तुम भूरिश्रवा और शाल को, जिनकी एक भुजा अर्जुन ने काट दी थी और जो सात्यकि के हाथों मारे गए थे, जंगली पशुओं का आहार बनते नहीं देख रहे हो और तुम इन नाना प्रकार की सुन्दरता और रंग वाली बहुओं को भी आज युद्धभूमि में विचरण करते नहीं देख रहे हो। | mahabharat अध्याय 11.24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्गार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! तुम बड़े भाग्यशाली हो कि तुम भूरिश्रवा और शाल को, जिनकी एक भुजा अर्जुन ने काट दी थी और जो सात्यकि के हाथों मारे गए थे, जंगली पशुओं का आहार बनते नहीं देख रहे हो और तुम इन नाना प्रकार की सुन्दरता और रंग वाली बहुओं को भी आज युद्धभूमि में विचरण करते नहीं देख रहे हो।
'Oh! You are very fortunate that you are not seeing Bhurishrava and Shal, whose one arm was cut off by Arjun and who was killed by Satyaki, become food for the wild animals and you are also not seeing all these daughters-in-law with various types of beauty and colour wandering here on the battlefield today. 8-9.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥