श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्‍गार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  11.24.7 
एकवस्त्रार्धसंवीता: प्रकीर्णासितमूर्धजा:।
स्नुषास्ते परिधावन्ति हतापत्या हतेश्वरा:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारी बहुएँ इस रणभूमि में काली जटाएँ लटकाए, एक-आध वस्त्र से शरीर ढके हुए इधर-उधर भाग रही हैं। उनके सब पुत्र और पति भी मारे जा चुके हैं॥ 7॥
 
‘Your daughters-in-law are running around in this battlefield with their black locks hanging loose, with only one or half cloth covering their bodies. All their sons and husbands have also been killed.॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)