श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्‍गार  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  11.24.13 
बीभत्सुरतिबीभत्सं कर्मेदमकरोत् कथम्।
प्रमत्तस्य यदच्छैत्सीद् बाहुं शूरस्य यज्वन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वह कहती है - 'अर्जुन ने ऐसा जघन्य कृत्य कैसे किया? दूसरों के साथ युद्ध करते हुए और उनकी ओर से असावधान रहते हुए उसने आप जैसे यज्ञ में तत्पर शूरवीर की भुजा काट डाली॥13॥
 
She says, 'How did Arjuna commit such a heinous act? While engaged in a war with others and being careless towards them, he cut off the arm of a valiant warrior like you who was devoted to sacrifice.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)