श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्‍गार  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  11.24.12 
एता विलप्य करुणं भर्तृशोकेन कर्शिता:।
पतन्त्यभिमुखा भूमौ कृपणं बत केशव॥ १२॥
 
 
अनुवाद
केशव! ये असहाय स्त्रियाँ अपने पतियों के वियोग से पीड़ित होकर करुण विलाप कर रही हैं और अत्यन्त पीड़ा से अपने पतियों के सामने गिर रही हैं॥12॥
 
Keshav! These helpless women, afflicted by the grief of losing their husbands, are wailing pitifully and falling down in front of their husbands in utter pain.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)