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mahabharat 11.23.8: युद्धभूमि में गिरे हुए राजा शल्य अपनी पत्नियों से चारों ओर से उसी प्रकार घिरे हुए हैं, जैसे कीचड़ में फंसे हुए राजा हाथी को अभी-अभी जन्म देने वाली हथिनियाँ घेर लेती हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  11.23.8 
शल्यं निपतितं नार्य: परिवार्याभित: स्थिता:।
वासिता गृष्टय: पङ्के परिमग्नमिव द्विपम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में गिरे हुए राजा शल्य अपनी पत्नियों से चारों ओर से उसी प्रकार घिरे हुए हैं, जैसे कीचड़ में फंसे हुए राजा हाथी को अभी-अभी जन्म देने वाली हथिनियाँ घेर लेती हैं।
 
King Shalya, lying fallen on the battlefield, is surrounded on all sides by his wives, just as female elephants that have just given birth surround a king elephant stuck in the mud.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)