Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.23.3: हे भाई! यह वही शल्य है जिसने युद्ध में सारथी पुत्र कर्ण के रथ की बागडोर संभालते हुए पाण्डवों की विजय के प्रति उसके तेज और उत्साह को नष्ट कर दिया था। | mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
येन संगृह्णता तात रथमाधिरथेर्युधि।
जयार्थं पाण्डुपुत्राणां तथा तेजोवध: कृत:॥ ३॥
अनुवाद
हे भाई! यह वही शल्य है जिसने युद्ध में सारथी पुत्र कर्ण के रथ की बागडोर संभालते हुए पाण्डवों की विजय के प्रति उसके तेज और उत्साह को नष्ट कर दिया था।
O dear brother! This is the same Shalya who, while handling the reins of the charioteer's son Karna's chariot in the war, had destroyed his brilliance and enthusiasm for the victory of the Pandavas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥