श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन  »  श्लोक 34-35
 
 
श्लोक  11.20.34-35 
उत्तरं चाभिमन्युं च काम्बोजं च सुदक्षिणम्।
शिशूनेतान् हतान् पश्य लक्ष्मणं च सुदर्शनम्॥ ३४॥
आयोधनशिरोमध्ये शयानं पश्य माधव॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
माधव! उत्तरा, अभिमन्यु, कम्बोजवासी सुदक्षिण और सुंदर दिखने वाले लक्ष्मण - ये सभी बालक थे। इन मारे गए बालकों को देखो। युद्धभूमि के मुहाने पर सो रहे अत्यंत सुंदर पुत्र लक्ष्मण को भी देखो।
 
Madhava! Uttara, Abhimanyu, Kamboja resident Sudakshin and the handsome looking Lakshmana - all of them were children. Look at these killed children. Also look at the extremely handsome son Lakshmana who is sleeping at the mouth of the battle field.
 
इति श्रीमहाभारते स्त्रीपर्वणि स्त्रीविलापपर्वणि गान्धारीवाक्ये विंशोऽध्याय:॥ २०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत स्त्रीपर्वके अन्तर्गत स्त्रीविलापपर्वमें गान्धारीवाक्यविषयक बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २०॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)