श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  11.20.28 
एतावानिह संवासो विहितस्ते मया सह।
षण्मासान् सप्तमे मासि त्वं वीर निधनं गत:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
वीर! इस लोक में तुम मेरे साथ कुल छः महीने ही रहे हो। सातवें महीने में तुम वीरगति को प्राप्त हुए।॥28॥
 
'Veer! In this world you have been in the company of me for a total of six months only. You attained martyrdom in the seventh month.'॥ 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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