श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  11.20.23 
तव शस्त्रजिताँल्लोकान् धर्मेण च दमेन च।
क्षिप्रमन्वागमिष्यामि तत्र मां प्रतिपालय॥ २३॥
 
 
अनुवाद
आर्यपुत्र! मैं भी आपके शस्त्रों से जीता हुआ, धर्म और संयम के बल से शीघ्र ही पुण्यलोकों में आऊँगा। तुम वहाँ मेरी प्रतीक्षा करो॥ 23॥
 
'Aryaputra! I too shall soon come to the virtuous worlds conquered by your weapons, with the power of Dharma and self-control. You wait for me there.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)