श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  11.20.19 
रथर्षभाणां सर्वेषां कथमासीत् तदा मन:।
बालं त्वां परिवार्यैकं मम दु:खाय जघ्नुषाम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तू तो बालक था और अकेले ही युद्ध कर रहा था, फिर भी उन सब महारथियों की मनःस्थिति क्या थी, जिन्होंने मिलकर तुझे मार डाला और मुझे पीड़ा पहुँचाई?॥19॥
 
'You were a child and were fighting the battle alone, yet what was the state of mind of all those great warriors who together killed you to cause me pain?॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)