श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  11.19.16 
प्रविश्य समरे शूर: पाण्डवानामनीकिनीम्।
स वीरशयने शेते पर: सत्पुरुषोचिते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जो वीर योद्धा रणभूमि में प्रवेश करके पाण्डव सेना के साथ युद्ध करता था, वही आज वीरों की शय्या पर विश्राम कर रहा है ॥16॥
 
The valiant warrior who used to enter the battlefield and fight with the Pandava army is today resting on the bed of heroes befitting a noble man. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)