vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 11: स्त्री पर्व
»
अध्याय 19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप
»
श्लोक 15
श्लोक
11.19.15
शरसंकृत्तवर्माणं वीरं विशसने हतम्।
परिवार्यासते गृध्रा: पश्य कृष्ण विविंशतिम्॥ १५॥
अनुवाद
श्रीकृष्ण! देखो, बाणों से इसका कवच छिन्न-भिन्न हो गया है। युद्ध में मारे गए इस वीर योद्धा को गिद्धों ने घेर लिया है।
Sri Krishna! Look, his armour has been torn to pieces by the arrows. The vultures have surrounded this brave warrior killed in the war. 15.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas