श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  11.19.1 
गान्धार्युवाच
एष माधव पुत्रो मे विकर्ण: प्राज्ञसम्मत:।
भूमौ विनिहत: शेते भीमेन शतधा कृत:॥ १॥
 
 
अनुवाद
गांधारी बोली- माधव! विद्वानों द्वारा सम्मानित मेरा यह पुत्र विकर्ण पृथ्वी पर मरा पड़ा है। भीमसेन ने उसके सौ टुकड़े कर दिए हैं।
 
Gandhari said- Madhava! This son of mine, Vikarna, who was respected by scholars, is lying dead on the ground. Bhimasena has cut him into hundred pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)