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श्लोक 11.17.32  |
यदि सत्यागमा: सन्ति यदि वै श्रुतयस्तथा।
ध्रुवं लोकानवाप्तोऽयं नृपो बाहुबलार्जितान्॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| श्री कृष्ण! यदि वेद और शास्त्र सत्य हैं, तो हे पुत्र! यह राजा दुर्योधन अपनी बाहुबल से प्राप्त पुण्य लोकों को अवश्य ही प्राप्त हो गया है। 32॥ |
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| 'Sri Krishna! If the Vedas and scriptures are true, then my son, this King Duryodhana has certainly gone to the virtuous worlds attained by the power of his arms. 32॥ |
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इति श्रीमहाभारते स्त्रीपर्वणि स्त्रीविलापपर्वणि दुर्योधनदर्शने सप्तदशोऽध्याय:॥ १७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत स्त्रीपर्वके अन्तर्गत स्त्रीविलापपर्वमें दुर्योधनका दर्शनविषयक सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७॥
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