vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 11: स्त्री पर्व
»
अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप
»
श्लोक 58
श्लोक
11.16.58
यूथानीव किशोरीणां सुकेशीनां जनार्दन।
स्नुषाणां धृतराष्ट्रस्य पश्य वृन्दान्यनेकश:॥ ५८॥
अनुवाद
जनार्दन! देखो! महाराज धृतराष्ट्र की सुन्दर केशों वाली बहुओं के ये अनेक समूह बछड़ों के झुंड के समान दिख रहे हैं ॥ 58॥
'Janardan! Look! These many groups of Maharaja Dhritarashtra's daughters-in-law with beautiful hair look like a flock of female calves. ॥ 58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×