श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  11.16.58 
यूथानीव किशोरीणां सुकेशीनां जनार्दन।
स्नुषाणां धृतराष्ट्रस्य पश्य वृन्दान्यनेकश:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! देखो! महाराज धृतराष्ट्र की सुन्दर केशों वाली बहुओं के ये अनेक समूह बछड़ों के झुंड के समान दिख रहे हैं ॥ 58॥
 
'Janardan! Look! These many groups of Maharaja Dhritarashtra's daughters-in-law with beautiful hair look like a flock of female calves. ॥ 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)