श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  11.16.5 
अस्थिकेशवसाकीर्णं शोणितौघपरिप्लुतम्।
शरीरैर्बहुसाहस्रैर्विनिकीर्णं समन्तत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वह युद्धभूमि हड्डियों, बालों और चर्बी से भरी हुई थी, रक्त से भरी हुई थी; चारों ओर हजारों शव बिखरे हुए थे ॥5॥
 
That battle-field was filled with bones, hair and fat, it was overflowing with blood; thousands of corpses were scattered all around. ॥5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)