श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  11.16.49 
बह्वॺो दृष्ट्वा शरीराणि क्रोशन्ति विलपन्ति च।
पाणिभिश्चापरा घ्नन्ति शिरांसि मृदुपाणय:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
कई महिलाएं अपने परिजनों की लाशें देखकर रो रही हैं, चीख रही हैं, विलाप कर रही हैं। कई कोमल हाथों वाली महिलाएं अपने सिर पर हाथ मार रही हैं।
 
‘Many women are crying, screaming and wailing on seeing the dead bodies of their relatives. Many women with soft hands are beating their heads with their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)