श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  11.16.4 
ददर्श सा बुद्धिमती दूरादपि यथान्तिके।
रणाजिरं नृवीराणामद्भुतं लोमहर्षणम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान गांधारी ने दूर से ही वीर पुरुषों के अद्भुत और रोमांचकारी युद्धक्षेत्र को ऐसे देखा, मानो उसे निकट से देखा हो।
 
The wise Gandhari saw the wonderful and thrilling battle field of the valiant men from a distance as if it was seen from close up.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)