श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  11.16.30 
अमर्षवशमापन्नान् दुर्योधनवशे स्थितान्।
पश्येमान् पुरुषव्याघ्रान् संशान्तान् पावकानिव॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ये वीर दुर्योधन के क्रोध के प्रभाव से बुझी हुई अग्नि के समान शान्त हो गए हैं। कृपया इनकी ओर देखो।' 30.
 
'These brave men, under the influence of Duryodhan's anger, have become as quiet as a fire that has been extinguished. Please look at them.' 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)