श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  11.16.22 
काञ्चनै: कवचैर्निष्कैर्मणिभिश्च महात्मनाम्।
अङ्गदैर्हस्तकेयूरै: स्रग्भिश्च समलङ्कृतम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि उन महामनस्वी योद्धाओं के स्वर्ण कवचों, हारों, रत्नों, नूपुरों, बाजूबंदों और कंठहारों से सुशोभित प्रतीत होती है।
 
‘The battle-field appears decorated with the golden armours, necklaces, precious stones, anklets, armlets and necklaces of those great-minded warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)