Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.15.31-32h: उन्हें इस अवस्था में देखकर अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण के पीछे छिप गए। भरत! उन्हें इधर-उधर छिपते देख गांधारी का क्रोध शांत हो गया और उन्होंने एक स्नेहमयी माता की भाँति उन सबको सांत्वना दी। | mahabharat अध्याय 11.15: भीमसेनका गान्धारीको अपनी सफाई देते हुए उनसे क्षमा माँगना, युधिष्ठिरका अपना अपराध स्वीकार करना, गान्धारीके दृष्टिपातसे युधिष्ठिरके पैरोंके नखोंका काला पड़ जाना, अर्जुनका भयभीत होकर श्रीकृष्णके पीछे छिप जाना, पाण्डवोंका अपनी मातासे मिलना, द्रौपदीका विलाप, कुन्तीका आश्वासन तथा गान्धारीका उन दोनोंको धीरज बँधाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्हें इस अवस्था में देखकर अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण के पीछे छिप गए। भरत! उन्हें इधर-उधर छिपते देख गांधारी का क्रोध शांत हो गया और उन्होंने एक स्नेहमयी माता की भाँति उन सबको सांत्वना दी।
Seeing them in this state, Arjun hid behind Lord Krishna. Bhaarat! Seeing them trying to hide here and there, Gandhari's anger subsided and she consoled them all like a loving mother. 31 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥